विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल हुए श्री दावड़ा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. सुरजीत डे मंडल
रायपुर। श्री दावड़ा विश्वविद्यालय के लिए गर्व और गौरव का क्षण है। विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय के डीन डॉ. सुरजीत डे मंडल को प्रतिष्ठित 2025 एससीआई (SCI) रैंक ग्लोबल रजिस्ट्री में विश्व के शीर्ष 5 प्रतिशत वैज्ञानिकों में स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत शोध उत्कृष्टता का प्रमाण है, बल्कि श्री दावड़ा विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को भी वैश्विक स्तर पर स्थापित करती है।
ग्लोबल रजिस्ट्री द्वारा ओपन एलेक्स के आंकड़ों के आधार पर लगभग 1 करोड़ सक्रिय शोधकर्ताओं और 5 करोड़ से अधिक शोध प्रकाशनों का मूल्यांकन किया गया। इस मूल्यांकन में डॉ. डे मंडल को वैश्विक रैंक 1,24,756 प्राप्त हुई, जिसके आधार पर उन्हें विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों की श्रेणी में शामिल किया गया।
डॉ. डे मंडल सूक्ष्मजीव विज्ञान (Microbiology) और बायोइन्फॉर्मेटिक्स के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए जाने जाते हैं। उनके 100 से अधिक शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। उनके शोध कार्यों में सूक्ष्मजीव विविधता, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस जीन, कृषि एवं खाद्य पदार्थों की माइक्रोबायोलॉजी तथा नवीन जैव-प्रौद्योगिकी तकनीकों पर महत्वपूर्ण अध्ययन शामिल हैं।
इस अवसर पर डॉ. डे मंडल ने अपने मार्गदर्शकों, सहयोगियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में और अधिक उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने युवा शोधकर्ताओं को मार्गदर्शन देने तथा भारत को वैश्विक वैज्ञानिक नवाचार के क्षेत्र में और अधिक मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस उपलब्धि को संस्थान की शोध संस्कृति और अकादमिक उत्कृष्टता की बड़ी सफलता बताया। माननीय डीजी डॉ. चार्मी दावड़ा, सीईओ चिन्मय दावड़ा, कुलपति प्रो. एस. मोहन कुमार तथा विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने डॉ. डे मंडल को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
श्री दावड़ा विश्वविद्यालय लगातार अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है। डॉ. सुरुजीत डे मंडल की यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की उसी दूरदर्शी सोच और शोध-उन्मुख वातावरण का परिणाम है, जिसने संस्थान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।


