श्री दावड़ा विश्वविद्यालय ने विश्व पर्यावरण दिवस 2026 का प्रेरणादायी आयोजन किया
श्री दावड़ा विश्वविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित वृक्षारोपण, संगोष्ठी और जागरूकता कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियों एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता पर आधारित प्रेरणादायी समाचार।
रायपुर। श्री दावड़ा विश्वविद्यालय, रायपुर में विश्व पर्यावरण दिवस 2026 बड़े उत्साह एवं जागरूकतापूर्ण कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संकाय सदस्यों, छात्रों एवं कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।
कार्यक्रम का आयोजन ऑडिट लेब (गार्डन एरिया) में किया गया। इस वर्ष की थीम “प्रकृति से प्रेरित: जलवायु के लिए हमारे समाधान” रही। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जो ज्ञान एवं विवेक के प्रतीक हैं।
विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता डॉ. सुरजीत डे मंडल ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों और उनके समाधान की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) एस. मोहन कुमार ने अपने उद्बोधन में सतत विकास एवं जलवायु उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने में उच्च शिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायी चरण वृक्षारोपण अभियान रहा, जिसमें विश्वविद्यालय के अधिकारियों, संकाय सदस्यों एवं छात्रों ने पौधारोपण कर हरित परिसर तथा स्वस्थ भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया।
शैक्षणिक सत्र में मुख्य वक्ता डॉ. हित नारायण डे, सहायक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, प्राणीशास्त्र विभाग, सत गुरु घासीदास शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कुरूद ने जैव विविधता संरक्षण, जलवायु परिवर्तन शमन तथा युवाओं की भूमिका पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।
शोधकर्ता एवं पर्यावरण शिक्षाविद् डॉ. तंडन ने जैव विविधता संरक्षण, जलवायु परिवर्तन शमन तथा युवाओं की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण एवं पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. तंडन का सम्मान किया गया। धन्यवाद ज्ञापन श्री शैलेन्द्र गोस्वामी द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर डॉ. मनीष वर्मा, प्रो. (डॉ.) मनीषा पांडे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धियां
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पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु कार्रवाई के प्रति जागरूकता में वृद्धि।
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जैव विविधता एवं पारिस्थितिकीय स्थिरता की गहन समझ का विकास।
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वृक्षारोपण एवं हरित परिसर पहल में सक्रिय सहभागिता।
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छात्रों एवं युवा प्रतिभागियों में पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार को प्रोत्साहन।
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सतत विकास के प्रति दृढ़ प्र
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तिबद्धता का सुदृढ़ीकरण।
विश्व पर्यावरण दिवस का यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायी अभियान साबित हुआ। संगोष्ठी, वृक्षारोपण, शैक्षणिक विचार-विमर्श एवं व्यावहारिक पर्यावरणीय गतिविधि
यों के माध्यम से विश्वविद्याल
य समुदाय को सततता को एक साझा उत्तरदायित्व के रूप में अपनाने हेतु प्रेरित किया गया।

