ग्रामीण खेल प्रतिभाओं का जलवा: श्री दावड़ा विश्वविद्यालय में क्रिकेट टूर्नामेंट का धमाकेदार आगाज, बलौदाबाजार के खिलाड़ी वुडबॉल में चमके
रायपुर/बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में खेल का जोश और जुनून बुलंदियों पर है। एक तरफ श्री दावड़ा विश्वविद्यालय परिसर में ग्रामीण क्रिकेट टूर्नामेंट 5.0 का भव्य शुभारंभ हुआ तो दूसरी तरफ इसी विश्वविद्यालय में आयोजित छठवीं सीनियर-जूनियर राज्य स्तरीय वुडबॉल चैंपियनशिप में बलौदाबाजार जिले के युवाओं ने पदकों की झड़ी लगा दी। दोनों आयोजनों ने साबित कर दिया कि गांव-गांव में छिपी प्रतिभाओं को सिर्फ सही मंच और प्रोत्साहन की जरूरत है।
क्रिकेट टूर्नामेंट 5.0 का रंगारंग शुभारंभ
सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर क्रिकेट के रंग में रंग गया। आसपास के 60 से ज्यादा गांवों की टीमें उत्साह से लबरेज दिखीं। उद्घाटन माननीय श्री चिन्मय दावड़ा एवं डॉ. चार्मी दावड़ा ने संयुक्त रूप से किया। श्री चिन्मय दावड़ा ने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं, बस सही मंच चाहिए। ऐसे आयोजन युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और टीम भावना जगाते हैं।” डॉ. चार्मी दावड़ा ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “खेल जीत-हार से ऊपर है, यह अनुशासन, सहयोग और एकता सिखाता है।”
पहला मुकाबला ग्राम कांडुल और ग्राम टेकरी के बीच खेला गया, जिसमें दोनों टीमों ने शानदार खेल कौशल का प्रदर्शन किया। आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय का मैदान रोमांचक मुकाबलों का गवाह बनेगा। समापन पर विजेता-उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया जाएगा।
बलौदाबाजार ने वुडबॉल में लहराया परचम
इसी विश्वविद्यालय में संपन्न राज्य स्तरीय वुडबॉल चैंपियनशिप में 12 से अधिक जिलों की टीमों ने हिस्सा लिया। बलौदाबाजार के खिलाड़ियों ने कमाल कर दिया:
- अक्षय कुमार टंडन ने सीनियर पुरुष सिंगल्स में रजत पदक जीता
- जूनियर टीम (मयंक, तन्मय, पुष्कर, अभिषेक, मेघराज, कमल) ने सामूहिक रनर-अप ट्रॉफी अपने नाम की
- जूनियर सिंगल्स में गणेश स्वर्ण, प्रणीत रजत
- जूनियर मिक्स्ड डबल्स में यश-हेमशिखा ने स्वर्ण
- अभिनव-कपिल (डबल्स) और श्रींगी-होम सिंह (सीनियर डबल्स) ने कांस्य पदक हासिल किए
विजेताओं को दीपक कुमार अग्रवाल, जितेन पटेल, गौरी टंडन और सजन कुमार साहू ने सम्मानित किया। अक्षय कुमार टंडन ने सफलता का श्रेय कोच जितेंद्र पटेल और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी श्रींगी को दिया। लौटते ही सभी खिलाड़ियों ने पुलिस अधीक्षक और खेल अधिकारी से मुलाकात कर अनुभव साझा किए। शास्वत लिटिल स्टार विद्यालय के संचालक गिरीश पटेल ने खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत किया और उनकी खेल भावना की सराहना की।
श्री दावड़ा विश्वविद्यालय के इन आयोजनों से साफ है कि खेल अब सिर्फ शौक नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं के चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना को मजबूत करने का मजबूत माध्यम बन रहा है। गांव के ये सितारे अब प्रदेश ही नहीं, देश-दुनिया में नाम रोशन करने को बेताब हैं!





